🙏 हमारे बारे में

गणपतिस्तोत्र.com — शुद्ध विधि और सटीक अर्थ के साथ गणपति बप्पा से जुड़ने का एक छोटा सा प्रयास।

नमस्कार, मैं हरिशंकर नागेश्वर हूं

मैं मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम् में, माँ नर्मदा के तट के पास निवास करता हूं। बचपन से ही सनातन धर्म और उसकी विधियों के प्रति गहरी रुचि रही है। पिछले 25 वर्षों से मैं ध्यान-साधना और हमारे धार्मिक ग्रंथों — पुराण, स्तोत्र, चालीसा और अन्य शास्त्रों — के अध्ययन में लगा हूं। यह भगवान की ही कृपा है कि इस मार्ग पर चलते हुए मुझे जो कुछ भी सीखने और समझने का अवसर मिला है, आज मैं उसे आगे बांटने की स्थिति में हूं।

यह वेबसाइट क्यों बनाई

मैंने देखा कि इंटरनेट पर गणपति बप्पा के स्तोत्र, चालीसा और आरती तो बहुत जगह मिल जाते हैं, पर अक्सर उनमें पाठ अशुद्ध होता है या अर्थ स्पष्ट नहीं होता। इससे पाठकों को सही जानकारी नहीं मिल पाती। मेरा प्रयास यही है कि आपको हर स्तोत्र शुद्ध रूप में, सही स्रोत के हवाले से और सरल हिंदी अर्थ के साथ मिले — ताकि आप अपने इष्ट देव, भगवान गणेश, से बिना किसी भ्रम के जुड़ सकें।

हमारा प्रयास

मेरा निरंतर प्रयास रहता है कि इस वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई हर सामग्री को शास्त्रों की मूल भावना के अनुरूप, सटीक और सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया जाए। यह कार्य मैं अपने इष्ट को प्रसन्न करने की भावना से करता हूं, न कि किसी व्यावसायिक उद्देश्य से — हालांकि वेबसाइट के संचालन-व्यय हेतु यहां विज्ञापन भी दिखाए जा सकते हैं।

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हरिशंकर नागेश्वर

माँ नर्मदा के तट, नर्मदापुरम् (मध्य प्रदेश) में निवास। पिछले 25 वर्षों से ध्यान-साधना और सनातन धर्म के ग्रंथों के अध्ययन में समर्पित। अपने इष्ट को प्रसन्न करने के इसी प्रयास में, गणपति बप्पा के स्तोत्र, चालीसा व आरती सटीक विधि और सही अर्थ के साथ आप तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा हूं। पूरा परिचय पढ़ें →